कर्नाटक प्रचार का अंतिम दिन : तोड़ो-जोड़ो राजनीति Last day of Karnataka promotion: Break-up Politics

कर्नाटक के चुनाव प्रचार का आखिरी दिन है, और सब के दिल में हलचल है कि 12 मई को चुनाव होने के बाद कौन जीतने वाला है| वैसे ही हमेशा भी काफी शानदार है हलचल होनी ही चाहिए एक तरफ नरेंद्र मोदी का ब्रांड लोगों के हृदय में नरेंद्र मोदी का प्रेम है और दूसरी और वहीं कांग्रेस की बांटने वाली राजनीतिक चाल|

कर्नाटक प्रचार का अंतिम दिन : तोड़ो-जोड़ो राजनीति



होने लगी है तोड़ो और जोड़ों की राजनीति


कर्नाटक के चुनाव में एक पार्टी लोगों को तोड़ने का काम कर रही है यानी कि जनता में फूट डालने का काम कर रही है| वहीं दूसरी पार्टी लोगों को जोड़ने के लिए सत्ता कुर्बान करने को तैयार है| एक पार्टी का लक्ष्य है कि कैसे भी करके कर्नाटक की सत्ता में टिकी रहे और वहीं दूसरी पार्टी कर लेते कि भले ही वह सत्ता में ना आ पाए लेकिन कर्नाटक के लोग धर्म और जाति के नाम पर टूटने ना पाए|

जी हां शायद आपको पता ही होगा कि कांग्रेस ने कर्नाटक चुनाव में बाजी पलटने के लिए लिंगायत समुदाय को हिंदुओं से अलग धर्म बनाने का प्रस्ताव पेश किया है| यानी कर्नाटक में चुनाव जीतने के लिए कांग्रेस फिर से फूट डालो और राज्य करो की नीति पर उतर चुकी है| यह कांग्रेस की पूर्वजों से चली आ रही नहीं थी अब कांग्रेस ने लिंगायत समुदाय को लालच दिया है कि अगर कर्नाटक में वापस कांग्रेस की सरकार बनती है तो कांग्रेस लिंगायत समुदाय को अलग धर्म का दर्जा देंगे|



लालच देकर वोट बैंक बनाने का तरीका


अब आप इस पर विचार जरूर कर रहे होंगे कि अभी तक तो कर्नाटक में कांग्रेस की ही सरकार थी अगर उसका लिंगायत समुदाय से प्रेम इतना ही था तो उसने अब तक लिंगायत समुदाय को धर्म का दर्जा क्यों नहीं दिया था| आप समझ गए होंगे कि कांग्रेस इस बार लिंगायत समुदाय को यह ऑफर क्यों दे रही है क्योंकि इस बार नरेंद्र मोदी ने कर्नाटक को जीतने पूरा निश्चय कर लिया है इससे घबरा चुकी कांग्रेस लिंगायत समुदाय को लालच देकर अपना वोट बैंक बनाना चाहती है|

फिर भी BJP ने तो शुरूआत से ही कहा है कि भले उसको कर्नाटक में जीत मिले या ना मिले लेकिन वह धर्म को टुकड़ों में बांटने नहीं देगी| कांग्रेस हमेशा से फूट डालो की नीति करती आई है इसी का परिणाम है कि यह देश पहले पाकिस्तान में विभाजित हुआ फिर बांग्लादेश बना, आसाम से हिंदू निकाल दिए गए, कश्मीर से हिंदू निकाल लिए गए क्योंकि कांग्रेस को वोट बैंक के लिए वामपंथियों को बढ़ावा देती रही| इसीलिए बीजेपी ने और नरेंद्र मोदी ने बस केवल इतना ही निश्चय किया है कि वह टुकड़ों में बढ़ चुके देशवासियों को आपस में जोड़ने का काम करेंगे कांग्रेस की तरह सत्ता का लालच भारतीय जनता पार्टी को नहीं यह आप पिछले कई वर्षों के BJP के अनुभव को देख सकते हैं|

इसलिए कर्नाटक के चुनाव में BJP का मुद्दा सत्ता में आना नहीं बल्कि टूटते हुए भारतीय संस्कृति को बचाना है| इसको कांग्रेस क्षत-विक्षत करने में लगी हुई है|

कांग्रेस की राज करने की नीति को आपको एक वीडियो के माध्यम से दिखाना चाहिए| आपको वीडियो में दिखाना चाहेंगे कि कैसे नरेंद्र मोदी के विरोध के लिए देश विरोधी घटनाएं करने तत्पर है| कांग्रेस को नरेंद्र मोदी से विरोध कम है लेकिन भारत से बहुत ज्यादा है| कांग्रेस एक ऐसी पार्टी है जो भारत के लोगों को केवल गुलाम बनाना पसंद करती है, और इसके लिए कुछ भी कर सकती है यानी कि भारत पर राज्य करने के लिए वह किसी भी हद तक गुजर सकती है|

See: वह वीडियो जिसमें राहुल गांधी भारत की बुराई कर रहे हैं

वीडियो लॉन्ग था लेकिन इसमें आगे के हिस्से में विदेशों में राहुल गांधी की भारत के लिए जो शक्ल होती है वह दिखाई गई है जब राहुल गांधी भारत से बाहर होते हैं | तब भारत विरोध में भाषण देते हैं और जब भारत के अंदर होते हैं तब हिंदू विरोध में भाषण देते हैं यानी कि हर प्रकार से देश विरोधी गतिविधियों का पूर्ण रुप से समर्थन करने के लिए तत्पर रहते हैं|



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