इस्लामिक आतंकवाद - जिहादियों ने की Lakho की हत्या | Islamic Atankwaad

 मुसलमानों का आतंक,  हिंदू और अन्य धर्मों के साथ हो रहा अन्याय| हमेशा से अपने देश में किसी भी डिबेट किसी भी भाषण में हमेशा सुना होगा भारत सभी धर्मों का सम्मान देने वाला देश है मगर क्या सच में सब को सम्मान मिलता है, इसका सच आपको पता चल जाएगा|

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आप अगर सच जानेंगे, चौक जायेंगे दरअसल ना हिंदू मुसलमान का विरोध कर रहा होता है ना ही इसाई मुसलमान का विरोध कर रहा था और ना जैन धर्म मुस्लिमों का विरोध कर रहा होता है बल्कि खुद मुसलमान हिंदुओं के धर्म का विरोध कर रहे होते हैं उनकी धार्मिक आस्था को चोट पहुंचा रहे होते है.

कांग्रेस की शय में फलता-फूलता इस्लामिक आतंकवाद

इस्लामी आतंकी मुसलमानों द्वारा कश्मीर में हजारों हिंदुओं की हत्या की गई, हिंदुओं की औरतों को जबरन उठा लिया गया| हजारों हिंदू मर चुके थे जान बचाने के लिए बाकी कश्मीर छोड़ कर भाग उठे| उनके घरों पर इस्लामिक कब्जा कर लिया उस वक्त कांग्रेस की सरकार थी दुख की बात यह है कि कांग्रेस ने इस्लामिक आतंकवादियों का समर्थन किया और उन्हें हिंदुओं के घरों पर कब्जा दे दिया हिंदुओं की औरतों के साथ जबरन निकाह करने पर भी मंजूरी दे दी| कश्मीर में हिंदुओं के साथ निर्दयता की गई|

हिंदू धर्म को खत्म करने की नीव भर रहे हैं इस्लामिक आतंकी

अगर आप हिंदू हैं  तो आपने हमेशा देखा होगा  कि मुसलमानों की चादर चढ़ाने वाले लोग मुस्लिमों का हरा झंडा लेकर आपके मोहल्ले में आकर पैसे मांगते हैं अपने अल्लाह की गान करते हैं और हिंदू लोग उन्हें चादर चढ़ाने के लिए पैसे भी देते हैं  लेकिन क्या आपने कभी देखा है मुसलमानों की बस्ती से कोई हिंदू हिंदू धर्म स्थान पर चढ़ावे के लिए पैसे मांगता है, शायद आपने ऐसा कभी नहीं देखा होगा|  क्या आप जानते हैं इसका विशेष कारण क्या है क्योंकि हिंदू चढ़ावे के लिए पैसे मुसलमान देना तो दूर मुस्लिमों की बस्ती में अपने भगवान की जयकार भी नहीं लगा सकता|  भगवा झंडा लेकर मुसलमानों की बस्ती में नहीं जा सकता क्योंकि अगर ऐसा करेगा तो मुसलमान उसे खत्म कर देंगे या फिर दंगा हो जाएगा यह है मुस्लिम आतंक|


 मुसलमान केवल अपने मुस्लिम धर्म को बढ़ावा देते हैं और बाकी सब को खत्म करने में  लगे हैं|  जानते हैं अहमदाबाद में अगर कोई अकेला हिंदू जय श्री राम की जय कार लगाता है तो ज्यादा देर नहीं लगती मुसलमान उस पर हमला कर देते हैं लेकिन हिंदू इतना दयावान है हिंदुओं के मोहल्ले में मुसलमान अल्लाह की जय जयकार करते हैं अल्लाह का झंडा लेकर मुसलमान हिंदुओं के मोहल्ले में घूमते हैं लेकिन हिंदू उन को नहीं रोकता|



 जिन क्षेत्रों में मुस्लिम बहुल होते हैं वहां पर मुसलमानों के दबाव से वही की सरकार हिंदुओं के पूजन पर प्रतिबंध लगा देती है मंदिरों को बंद करा दिया जाता है| लेकिन जहां पर हिंदू बहुल क्षेत्र होता है वहां पर मुसलमानों को पूरी आजादी होती है वह अपने मजहब से जुड़े कार्यक्रम कर सकते हैं|  आपको अजीब नहीं लगता|  यह भेदभाव कैसा है|  हिंदू बहुल क्षेत्रों में मुसलमान जबरन अपनी मस्जिद के कार्यक्रम के लिए हिंदुओं से भी चंदा लेने आते हैं|  लेकिन  हिंदू उनसे चंदा नहीं ले सकता अगर नहीं जाता है तो मुसलमान उस पर हमला कर देते है और हिंदुओं को गालियां देते हैं|  और  मुसलमानों से चंदा लेना तो बहुत दूर की बात है हिंदू मुसलमानों के बहुल क्षेत्र में अपने भगवान का पूजन भी नहीं कर सकता|

 यह कैसी विडंबना है कारण इसका केवल एक ही कारण है हिंदुओं ने जो मूर्खता कर रखी है यह मूर्खता बुद्धिमत्ता से आधारित नहीं|  यह मूर्खता है दया करने की स्थिति के लिए|   क्योंकि आप मुसलमानों को हिंदुओं के क्षेत्र में मुस्लिम आयोजन करने देते हैं लेकिन जब मुसलमान आप के आयोजन का विरोध करता है तब कोई भी हिंदू पूरे बल के साथ मुसलमानों को जवाब नहीं देता|


देश तोड़ने की चाल चलते हैं मुस्लिम आतंकी

 बहुत ही विचित्र स्थिति है आज के समय में क्या आपने कभी ध्यान दिया है  भारत से अलग होकर जितने भी देश बनी है सारे के सारे मुस्लिम देश हैं क्योंकि मुस्लिम राज्य में 2-4 परिवार बसते हैं धीरे धीरे 8 परिवार 10 परिवार होते जाते हैं और फिर उनका पूरा एक मोहल्ला बन जाता है और जब ऐसा होता है तब वहां के नेता को अपनी एकत्रित शक्ति का परिचय देते हैं और नेता को अगर वोट चाहिए होता है  तो नेता भी उन मुसलमानों को विशेष लाभ देने का वादा करता है|  यानी कि मुसलमानों का प्रभुत्व केवल 8-10 परिवार होने की वजह से भी ज्यादा हो जाता है और हिंदुओं का पूरा का पूरा क्षेत्र होने के बाद भी हिंदुओं की कोई इज्जत नहीं होती क्योंकि सारे अलग-अलग भागते हैं. कोई मायावती की वजह से दलित बनकर अलग हो जाता है कोई सिंह की वजह से यादव बनकर अलग हो जाता है.

 इस वजह से आप बंगाल में हिंदुओं की स्थिति देख सकते हैं वहां पर विभाजन होने के बाद से अब तक न जाने कितने अनगिनत हिंदुओं को मारा गया है और मरने वालों में सबसे ज्यादा दलित वर्ग के लोग हैं क्योंकि दलित वर्ग के लोग आसानी से बरगलाया जा सकता हैं  जैसे की वर्तमान समय मैं मायावती के द्वारा दलित मुस्लिम एकता इस बात का सबूत देती है कि किस प्रकार से दलितों को बरगलाया जा सकता है.  सभी दलित समझ नहीं पा रहे कि मायावती केवल राज्य करना चाहती हैं और इसीलिए उन्हें वोट बैंक में तब्दील करने के लिए मुसलमानों का दोस्त बनाया जा रहा है.

 पाकिस्तान का जब विभाजन हुआ तो वहां पर 23 परसेंट से ऊपर हिंदू रहते थे अब आप खुद सोचिए कि अगर मुसलमान सच में दलित हिंदुओं का अपना मित्र मानता है तो फिर पाकिस्तान के 23 परसेंट हिंदुओं को मारकर केवल 2% कैसे बना दिया मुसलमानों ने. आपके पास इस बात का जवाब नहीं है|

 अर्थ केवल यही है गलत होने पर विरोध तुरंत कीजिए अगर डर कर चुप हो जाएंगे आगे आपको वक्त भी नहीं मिलेगा  विरोध कर पाने का क्योंकि आपकी सांसे रोक दी जाएंगी इन जिहादी मुसलमानों के द्वारा|

 बाकी आप समझदार है--



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