हार्टअटैक एक बड़ी समस्या है| हार्ट अटैक के रोगी की जान इसी रोग की वजह से जाती है| अगर आपको पेट की तकलीफ है  या फिर कोई और बीमारी है उन सब का कारण कहीं ना कहीं से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से आपकी दिनचर्या आपके कार्यकलापों पर निर्भर करता है जिनमें सावधानियां रख कर आप हार्ड अटैक जैसी बीमारी से बच सकते हैं|



हार्ट अटैक के बारे में काफी गलत विचार फैले हुए हैं लेकिन सच में हार्ट अटैक कोई ऐसी बीमारी नहीं  जो किसी विशेष व्यक्ति को ही होती है|  यह बीमारी कुछ गलतियों से हर किसी को हो सकती है फिर चाहे वह व्यक्ति शारीरिक रूप से हो या फिर बहुत ही ताकतवर हो इससे फर्क नहीं पड़ता|  फर्क पड़ता है तो आपकी गतिविधियों से|

कुछ गलतियों पर ध्यान देकर हार्ट अटैक के रोग से बचें

 हमारी गलतियां ही हमें बीमारियों तक पहुंचाती हैं|  हार्ट अटैक भी बिल्कुल उसी तरह है यह बीमारी भी बिल्कुल इसी तरह से होती है अगर आप कुछ बिंदुओं पर ध्यान देंगे तो काफी हद तक आप हार्ट अटैक जैसी बीमारी से बच सकते हैं|

 वसा का सेवन कम करें जिससे आपके पेट पर ज्यादा चर्बी ना आए| अमेरिका की मिनेसोटा के मियो क्लीनिक  सर्वे के अनुसार सौ परसेंट में 75% लोग ज्यादा चर्बी  वाले ही थे जो हार्ड अटैक के शिकार हुए| इसलिए  मोटापे को कंट्रोल करने पर काफी ध्यान दें अत्यधिक मोटापा आपको कोई शक्ति नहीं देता बल्कि आपकी फुर्ती और शक्ति को कमजोरी में बदलता है|

 नहाने का सही तरीका अपनाएं

 ज्यादातर हार्ट अटैक के मरीजों को नहाते वक्त या फिर उसके कुछ समय बाद ही हार्ड अटैक आता है|  इसका एक मुख्य कारण यह है कि उनके नहाने की प्रक्रिया ही उन्हें नुकसान पहुंचा रही होती है लेकिन वह ध्यान नहीं दे पाते|

 ज्यादातर लोग नहाते समय सबसे पहले चेहरा धोते हैं और सर पर पानी पहले डालते हैं यही आप को बहुत बड़ा नुकसान पहुंचाता है, ऐसा करने वाले स्वस्थ व्यक्तियों को  भी 80 परसेंट संभावना के साथ हार्ड अटैक की बीमारी हो सकती है और हार्ड अटैक के मरीजों के लिए ऐसा करना बहुत ही घातक होता है उन्हें फिर से हर्ट अटैक पड़ सकता है|

 इसलिए सही तरीके से स्नान करें और सही तरीके में आपको सर पर सबसे पहले ठंडा पानी नहीं  डालना चाहिए| सर के ऊपर ठंडा पानी डालने से  सिर के अंदर की धमनियों में काफी ज्यादा दबाव पड़ता है क्योंकि रक्त गर्म होता है और अचानक ठंडा पानी पड़ने से वह धमनियों में दबाव डालता है अगर आपके शरीर के किसी अन्य हिस्से पर ठंडा पानी डाला जाए  तो आपके शरीर पर इतना गलत प्रभाव नहीं पड़ता लेकिन अगर आप ठंडा पानी सीधे सिर पर या फिर अपने छाती पर डालते हैं  तब धमनियों में पढ़ रहा रक्त का दबाव आपके मस्तिष्क और हृदय पर गलत प्रभाव डालता है|

 इसलिए नहाते वक्त सबसे पहले अपने पैरों को कमर तक भीगा ले|  इससे आपका शरीर धीरे धीरे सर और हृदय सब कुछ  ठंडे पानी के तापमान के बराबर हो जाता है|  इसके बाद जब आप उस सिर पर पानी डालते हैं तब रक्तचाप पर कोई असर नहीं पड़ता और सब कुछ सामान्य रहता है|

 अगर आप इन बिंदुओं पर ध्यान देकर रहेंगे तो हार्ड अटैक किस के रोग से बचे रहेंगे और साथ ही अगर कोई व्यक्ति हार्टअटैक रोगी है  तो उस व्यक्ति को काफी मदद मिलेगी हार्ट अटैक को कंट्रोल करने में|